डलहोजी में माल रोड गरम सड़क एंट्री गेट को लेकर बढ़ा विवाद, लोगों ने हटाने की उठाई मांग

डलहौजी/ चंबा 27 अप्रैल मुकेश कुमार (गोल्डी)
डलहौजी के माल रोड स्थित गरम सड़क क्षेत्र में लगाए गए एंट्री गेट को लेकर स्थानीय लोगों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। आज वार्ड नंबर 3 और 8 सहित क्षेत्र के दर्जनों निवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम अनिल भारद्वाज से मिला और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में गांधी चौक के प्रवेश द्वार पर प्रशासन एवं नगर परिषद द्वारा लगाए गए गेट को तुरंत हटाने की मांग की गई।
स्थानीय लोगों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि इस गेट को लगाने के बाद से इस मार्ग पर वाहनों, विशेषकर दोपहिया वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है। इससे इस सड़क पर रहने वाले लगभग 150 परिवारों के साथ-साथ स्थानीय दुकानदारों और पर्यटकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

उनका कहना है कि यह रास्ता उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए मुख्य मार्ग है और इसके बंद होने से उनकी दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो गई है।
ज्ञापन देने पहुंचे स्थानीय निवासियों में अमरीक सिंह (अ, साहिल पम्मा, संजीव पठानिया, आशु गंडोत्रा, मनजीत सिंह, साहिल महाजन और शिवम भंडारी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि गेट लगने से न केवल रास्ता बंद हुआ है, बल्कि लोग खुद को अपने ही क्षेत्र में “कैद” जैसा महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस मार्ग से ही वे बाजार, जरूरी सेवाओं और अन्य कार्यों के लिए आते-जाते हैं, लेकिन अब उन्हें लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर परिषद ने शुरुआत में इस स्थान पर पारंपरिक पहाड़ी शैली में पत्थर, लकड़ी और स्लेट से बने एक आकर्षक ओपन गेट लगाने की योजना बनाई थी, लेकिन उसकी बजाय लोहे का ऐसा गेट लगाया गया है जो देखने में जेल की सलाखों जैसा प्रतीत होता है। इससे न केवल लोगों की सुविधा प्रभावित हुई है, बल्कि माल रोड की सुंदरता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
लोगों ने सुझाव दिया कि यदि प्रशासन पर्यटकों की सुविधा के लिए कोई व्यवस्था करना चाहता है, तो शाम 4:30 बजे से रात 9:00 बजे तक वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

लेकिन पूरे दिन मार्ग को बंद रखना अनुचित है और यह लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह मुद्दा आगामी नगर परिषद चुनाव में बड़ा जनविषय बन सकता है।
वहीं, एसडीएम अनिल भारद्वाज ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वह इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला उपायुक्त के साथ विचार-विमर्श करेंगे और जल्द ही उचित समाधान निकालने का प्रयास करेंगे, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
