बनीखेत में साप्ताहिक निरंकारी सत्संग आयोजित, मानवता व सेवा भाव पर दिया जोर

डलहोजी/चम्बा 26 अप्रैल मुकेश कुमार (गोल्डी)
बनीखेत स्थित स्थानीय निरंकारी सत्संग भवन में रविवार को साप्ताहिक सत्संग का आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। इस आध्यात्मिक सभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और सत्संग का लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान महात्मा अनिल गुप्ता ने संगत को संबोधित करते हुए मानव जीवन में परोपकार, प्रेम और सेवा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि हर मानव के भीतर परोपकार का भाव निहित होता है, जिसे जागृत करने की आवश्यकता है। सच्चे मन से परमात्मा को हृदय में बसाने से ही व्यक्ति में प्रेम, सेवा और मानवता के गुण विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि हमें प्रभु-परमात्मा का सहारा लेकर अपने भीतर मानवीय गुणों का विस्तार करना चाहिए तथा ब्रह्मज्ञान प्राप्त कर भक्ति का सच्चा आनंद लेना चाहिए।महात्मा ने आगे कहा कि एक सच्चा भक्त भौतिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए भी अपने जीवन में परमात्मा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने बताया कि हर युग में संत-महात्माओं ने यही संदेश दिया है कि भौतिक उपलब्धियां महत्वपूर्ण हैं, लेकिन परमात्मा की अनुभूति सर्वोपरि है।

संतों का जीवन सेवा और समर्पण का प्रतीक होता है, जो पूरी मानव जाति को एक समान मानकर मानवता की सेवा में लगे रहते हैं।अपने संदेश में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निरंकार परमात्मा सदा से विद्यमान है और सदा रहेगा। जो व्यक्ति इस सत्य को स्वीकार कर लेता है, वह जीवन की बंदिशों और भ्रमों से मुक्त होकर सुकून और शांति का अनुभव करता है। उन्होंने सभी को प्रेरित किया कि जीवन अनिश्चित है, इसलिए समय का सदुपयोग करते हुए परमात्मा से अपना संबंध मजबूत करना चाहिए और अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान के प्रकाश को अपनाना चाहिए।इस अवसर पर शाखा प्रबंधक महात्मा एच. एस. गुलेरिया भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन भक्ति गीतों और सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ।