मनरेगा बंद कर नई योजना लागू करना प्रदेश हित में नहीं :- मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू

शिमला, 08 जुलाई चम्बा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बंद कर उसकी जगह ‘वीबी-जी-राम-जी योजना’ लागू करना हिमाचल प्रदेश के हित में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा के तहत केंद्र सरकार 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करती थी, जबकि प्रस्तावित नई योजना में कुल खर्च का 10 प्रतिशत राज्य सरकार को वहन करना होगा, जिससे प्रदेश के सीमित संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा।मुख्यमंत्री ने विभाग को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग में रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई भर्तियां की जाएं।

इसके साथ ही निर्माणाधीन पंचायत घरों को शीघ्र पूरा करने के लिए 30 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाने की घोषणा की गई। ऊना में बन रहे जिला पंचायत संसाधन केंद्र के लिए भी अतिरिक्त धनराशि जारी की जाएगी।स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा अब तक 310 समूहों को 65.56 लाख रुपये की ऋण सहायता प्रदान की जा चुकी है। उनके उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने के लिए शिमला में ‘हिमाचल हाट’ का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा समूहों को फूड वैन उपलब्ध करवाई गई हैं और भविष्य में ऐसी और वैन उपलब्ध कराने की योजना है।मुख्यमंत्री ने विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं को मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से जोड़ने के निर्देश भी दिए, ताकि कार्यों की बेहतर निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।