नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास में पिता को 20 साल का कठोर कारावास

चंबा 06 जुलाई मुकेश कुमार (गोल्डी)
जिला चंबा की विशेष अदालत ने नाबालिग से यौन अपराध के एक गंभीर मामले में दोषी पिता को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश अनुजा सूद की अदालत ने यह फैसला सुनाते हुए दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त दो माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।संयुक्त निदेशक अभियोजन चंबा दिग्विजय सिंह राणा के अनुसार यह मामला 31 मार्च 2023 को दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष ने अदालत में बताया कि 27 मार्च 2023 की रात आरोपी ने अपने घर में नशे की हालत में अपनी ही नाबालिग पुत्री के साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। घटना के अगले दिन पीड़िता ने इसकी जानकारी अपनी सौतेली मां को दी।

बताया गया कि बाद में घर से बाहर जाते समय पीड़िता ने एक महिला को पूरी घटना बताई, जिसके बाद मामले की सूचना आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तक पहुंची। इसके आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर जांच शुरू की।मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने आरोपों के समर्थन में कुल 19 गवाहों के बयान अदालत में पेश किए। प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर अदालत ने आरोपी नरिंदर को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत दोषी करार दिया।राज्य की ओर से इस मामले की पैरवी लोक अभियोजक सोहम कौशल ने की। अदालत के इस फैसले को बाल सुरक्षा कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
