जनगणना कार्य को पार्ट टाइम करने के आदेश पर राजकीय सीएंडवी अध्यापक संघ, जिला चंबा का भी कड़ा विरोध, पुनर्विचार की उठाई मांग

डलहौजी/ चम्बा 07 जून मुकेश कुमार (गोल्डी)
चंबा जिला में जनगणना 2027 के फील्ड कार्य को शिक्षकों से केवल स्कूल समय के बाद और अवकाश के दिनों में करवाने की प्रस्तावित व्यवस्था का विरोध तेज हो गया है। जिलाधीश चंबा के इस आदेश पर राजकीय सीएंडवी अध्यापक संघ, जिला चंबा ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इसे अव्यवहारिक करार दिया है।संघ के जिला अध्यक्ष संजय वर्मा और महासचिव सुनील सूर्यवंशी ने संयुक्त रूप से कहा कि जनगणना जैसा व्यापक और महत्वपूर्ण कार्य सीमित समय में पूरा करना पहले ही चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में इसे पार्ट टाइम आधार पर करवाना संभव नहीं दिखता। उन्होंने जिलाधीश से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की पुरजोर मांग उठाई है।उन्होंने बताया कि जनगणना के पहले चरण में एचएलओ के तहत घरों, संस्थानों और अन्य संरचनाओं का विस्तृत नक्शा तैयार किया जाता है, जिसमें हर घर का बारीक विवरण और मार्किंग शामिल होती है। इसके बाद निर्धारित हाउसहोल्ड में 34 प्रश्नों का डेटा एकत्र किया जाता है। पूरे क्षेत्र का तीन बार सर्वेक्षण करना पड़ता है, जो एक पूर्णकालिक कार्य है।संघ ने यह भी कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां कठिन होने के कारण अधिकतर सर्वेक्षण पैदल ही करना पड़ता है, जिससे ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में यह कार्य और अधिक जटिल हो जाता है। विशेष रूप से महिला शिक्षकों के लिए देर रात तक काम करना सुरक्षा की दृष्टि से चिंता का विषय है।संजय वर्मा ने कहा कि जनगणना देश का सबसे बड़ा प्रशासनिक और सांख्यिकीय अभियान है, जिसमें घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करना, अभिलेखों का सत्यापन, डिजिटल डेटा अपलोड करना और त्रुटियों का सुधार जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में पंचायत चुनावों में ड्यूटी निभाने के बाद अब फिर से शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगाया गया है, जिससे उन पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है। संघ ने मांग की है कि इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जनगणना कार्य को पूर्णकालिक आधार पर ही करवाया जाए।