डलहौजी छावनी में स्वच्छ भारत अभियान पर उठे सवाल, रेन शेल्टर की हालत बनी शर्मनाक उदाहरण

डलहौजी /चंबा 10 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)
केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कई स्थानों पर इसकी हकीकत कुछ और ही बयां करती नजर आ रही है। डलहौजी छावनी क्षेत्र में स्थित एक रेन शेल्टर इसकी एक स्पष्ट मिसाल बनकर सामने आया है, जिसकी बदहाल स्थिति स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।बनीखेत-डलहौजी मुख्य मार्ग पर स्थित यह रेन शेल्टर रोजाना हजारों स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही का केंद्र है। यहां से गुजरने वाले पर्यटक न केवल इस स्थल की गंदगी को देखते हैं, बल्कि इसके कारण पूरे क्षेत्र की छवि भी प्रभावित होती है।

रेन शेल्टर के आसपास फैली गंदगी, कूड़े के ढेर और उचित सफाई के अभाव ने इसे उपयोग के बजाय उपेक्षा का प्रतीक बना दिया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि छावनी क्षेत्र में स्वच्छता को लेकर केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। कई बार सफाई अभियान के नाम पर केवल फोटो खिंचवाने तक ही गतिविधियां सीमित रह जाती हैं, जबकि वास्तविक स्थिति जस की तस बनी रहती है। इससे यह प्रतीत होता है कि स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य यहां पूरी तरह से साकार नहीं हो पा रहा है।पर्यटकों ने भी इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि डलहौजी जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर इस तरह की अव्यवस्था न केवल प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि क्षेत्र की साख को भी नुकसान पहुंचाती है।

स्थानीय प्रशासन और छावनी परिषद से अपेक्षा की जा रही है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्यों को वास्तव में धरातल पर उतारा जा सके।