धर्मगुरू दलाई लामा के 90वें जन्मदिवस पर डलहौजी हिलटॉप स्कूल में ‘सी लर्निंग’ सत्र आयोजित

डलहौजी/ चम्बा 30 जून मुकेश कुमार (गोल्डी)
परम पूज्य 14वें दलाई लामा के 90वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में डलहौजी हिलटॉप स्कूल में ‘सी लर्निंग’ (सोशल, इमोशनल एंड एथिकल लर्निंग) विषय पर एक विशेष संवाद सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य करुणा, नैतिकता और भावनात्मक संतुलन पर आधारित शिक्षा के महत्व को रेखांकित करना था।इस अवसर पर छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रतिष्ठित बौद्ध विद्वान, समाज सुधारक एवं दलाई लामा के आधिकारिक हिंदी अनुवादक डॉ. कैलाश चंद्र बौद्ध रहे। उन्होंने अपने संबोधन में ‘सी लर्निंग’ के मूल सिद्धांतों को विस्तार से समझाया और कहा कि आंतरिक मूल्यों, सहानुभूति और नैतिक जागरूकता को अपनाकर विद्यार्थी आधुनिक जीवन की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकते हैं।उन्होंने माइंडफुलनेस (सजगता) और भावनात्मक संतुलन के महत्व पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में इन मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

उनके विचारों ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को गहराई से प्रभावित किया।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की प्रेसिडेंट डॉ. पूनम राय धवन ने अपने संदेश में समग्र शिक्षा के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि शिक्षा में करुणा और संवेदनशीलता को शामिल करने से एक जागरूक, जिम्मेदार और संवेदनशील समाज का निर्माण संभव है।इस आयोजन में स्थानीय तिब्बती समुदाय का भी सराहनीय सहयोग रहा। डलहौजी की तिब्बती लोकल असेंबली के अध्यक्ष फुर्बु दमदुल तथा तिब्बती सेटलमेंट अधिकारी केलासांग तेनजिन ने स्कूल की इस पहल की प्रशंसा करते हुए ऐसे कार्यक्रमों के वैश्विक महत्व को रेखांकित किया।यह सत्र विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक साबित हुआ और उन्हें जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को व्यवहार में लाने की सीख मिली।
