चंबा में जल संरक्षण अभियान को गति देने के निर्देश, 31 मई 2027 तक चलेगा ‘कैच द रेन–2026

चंबा 15 अक्टूबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)

उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में जल संचय जन भागीदारी ‘कैच द रेन–2026’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।उपायुक्त ने कहा कि जल शक्ति मंत्रालय की इस पहल का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित करने के साथ जल संसाधनों का संरक्षण और पुनर्भरण करना है। उन्होंने बताया कि अभियान 31 मई 2027 तक संचालित रहेगा। इसके तहत विभिन्न जिलों के प्रदर्शन का आकलन एकत्रित आंकड़ों और पोर्टल पर दर्ज सत्यापित कार्यों के आधार पर किया जाएगा।मुकेश रेपस्वाल ने ग्रामीण विकास विभाग, जल शक्ति विभाग और वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षा जल संचयन संरचनाओं के निर्माण, मरम्मत और नवीनीकरण को प्राथमिकता दी जाए। इसके अंतर्गत रिचार्ज पिट, सोक पिट, कुओं तथा अन्य जल पुनर्भरण संरचनाओं से संबंधित कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए।उन्होंने प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन (रिजुवनेशन) से जुड़े कार्यों को भी अभियान में शामिल करने पर जोर दिया। साथ ही, विभिन्न विभागों के निर्माणाधीन भवनों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए, ताकि वर्षा के पानी का बेहतर उपयोग किया जा सके।उपायुक्त ने अभियान की सफलता के लिए जनभागीदारी और सभी हितधारकों की सक्रिय सहभागिता को आवश्यक बताया।
उन्होंने संबंधित विभागों को पूर्ण किए गए कार्यों का विवरण निर्धारित पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से अपलोड करने के निर्देश दिए। आईडी संबंधी समस्या आने पर कार्यों का विवरण जिला विकास अधिकारी को उपलब्ध करवाने को कहा, ताकि उनकी आईडी के माध्यम से पोर्टल पर प्रविष्टि की जा सके।बैठक में जिला विकास अधिकारी तेवेंद्र चनोरिया, खंड विकास अधिकारी मैहला डॉ. बशीर खान, भरमौर के खंड विकास अधिकारी संजय वर्मा तथा जिला विकास कार्यालय के अर्थशास्त्री विनोद कुमार उपस्थित रहे। ग्रामीण विकास, जल शक्ति और वन विभाग के विभिन्न अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
