एपीजी विश्वविद्यालय में पौधारोपण कार्यक्रम में उप मुख्य सचेतक की शिरकत
राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत वनों के संरक्षण पर दिया विशेष बल

शिमला, 27 अगस्त चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि पेड़ और जंगल केवल पर्यावरण संतुलन के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए भी बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे बढ़-चढ़कर पौधारोपण करें और लगाए गए पौधों की सुरक्षा व संरक्षण सुनिश्चित करें।केवल सिंह पठानिया मंगलवार को शिमला स्थित अलख प्रकाश गोयल (एपीजी) विश्वविद्यालय में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता अनूप रतन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. रमेश चौधरी, रजिस्ट्रार आर.एल. शर्मा, शिक्षकगण और विद्यार्थी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

अपने संबोधन में पठानिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैव विविधता संरक्षण और संवर्धन की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है। वर्ष 2030 तक राज्य में वनों की संख्या को 30 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने जानकारी दी कि राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के अंतर्गत महिला मंडल, युवा मंडल, स्वयं सहायता समूह और संयुक्त वन समितियां 1 से 5 हेक्टेयर भूमि पर पौधारोपण कर पांच वर्षों तक उनकी देखभाल करेंगी। इसके लिए राज्य सरकार ने 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में 1,000 से 1,500 हेक्टेयर जंगल भूमि में पौधारोपण किया जा रहा है, जिस पर लगभग 20 करोड़ रुपये व्यय होंगे।

पौधों की देखभाल के लिए सरकार प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त 1.20 लाख रुपये भी उपलब्ध करवा रही है। यह प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ-साथ हरित और व्यवस्थित वन क्षेत्रों के निर्माण से सतत पर्यटन को भी बढ़ावा देंगे।कार्यक्रम के दौरान उप मुख्य सचेतक ने अखरोट का तथा महाधिवक्ता ने बाण का पौधा रोपित किया।