आपदा की घड़ी में मानवता बनी सहारा, बट्ट कॉलेज में मणिमहेश यात्रियों के लिए राहत शिविर स्थापित

आपदा की घड़ी में मानवता बनी सहारा, बट्ट कॉलेज में मणिमहेश यात्रियों के लिए राहत शिविर स्थापित


डलहौजी/ चम्बा 30 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)


मणिमहेश यात्रा के दौरान प्राकृतिक आपदा ने जहां कई श्रद्धालुओं की जान ले ली और कुछ अब भी लापता हैं, वहीं हजारों लोगों को प्रशासन लगातार रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहा है। यह दुर्घटना श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए बेहद झकझोर देने वाली साबित हुई है। इस कठिन समय में शासन और प्रशासन पूरी तरह से राहत व बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।

मानवता की मिसाल पेश करते हुए डलहौजी उपमंडल के बोंखरी मोड़ स्थित बट्ट कॉलेज ऑफ नर्सिंग एवं आईटीआई में यात्रियों के लिए राहत शिविर स्थापित किया गया है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मणिमहेश यात्री सुरक्षित ठहराव पा रहे हैं। शिविर में यात्रियों को रात्री विश्राम की सुविधा के साथ-साथ भोजन, पेयजल और अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की भी व्यवस्था की गई है।

आपदा की इस घड़ी में यह शिविर न केवल राहत का केंद्र बना है, बल्कि सामाजिक और धार्मिक समरसता का भी प्रतीक है। जैसा कि सभी धर्म सिखाते हैं—मुसीबत के समय धर्म, जाति और समुदाय से ऊपर उठकर एक-दूसरे का सहारा बनना चाहिए। कुरान की इस हिदायत और मानवता को सर्वोपरि मानते हुए कॉलेज प्रबंधन और स्थानीय लोग यात्रियों की सेवा में दिन-रात जुटे हुए हैं।

स्थानीय प्रशासन ने भी बट्ट कॉलेज प्रबंधन के इस मानवीय प्रयास की सराहना की है और इसे आपदा राहत कार्यों में एक बड़ी मदद बताया है। राहत शिविर से न केवल यात्रियों को सुरक्षित ठहरने की सुविधा मिली है बल्कि उनके भीतर यह विश्वास भी जगा है कि इस कठिन समय में पूरा समाज उनके साथ खड़ा है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!