चंबा आपदा पर कांग्रेस नेता मनीष सरीन का भाजपा पर वार, प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की माँग

चंबा आपदा पर कांग्रेस नेता मनीष सरीन का भाजपा पर वार, प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की माँग

डलहौजी/ चम्बा 31 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)

डलहौज़ी विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस नेता मनीष सरीन ने ज़िला चंबा में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा को लेकर भाजपा सांसदों और विधायकों पर तीखा प्रहार किया। रविवार को चंबा में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि भारी बारिश और भूस्खलन ने ज़िले में तबाही मचा दी है। सैकड़ों घर जमींदोज़ हो चुके हैं, सड़कें और पुल ध्वस्त हो गए हैं, हज़ारों लोग बेघर हो गए हैं और बुनियादी सुविधाएँ पूरी तरह चरमराई हुई हैं। बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाएँ और संचार तंत्र बुरी तरह प्रभावित हैं, लेकिन इस गंभीर स्थिति में भाजपा के जनप्रतिनिधि कहीं दिखाई नहीं दे रहे।सरीन ने सीधे तौर पर ज़िला चंबा के तीन भाजपा विधायकों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि एक विधायक केवल विधानसभा के भीतर आपदा पर बहस करने में व्यस्त हैं, दूसरा मीडिया के सामने बयानबाज़ी करने तक सीमित है, जबकि तीसरा विधायक अपने क्षेत्र में आपदा पीड़ितों के बीच फोटोजीवी राजनीति कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की समस्याओं के समाधान की जगह ये नेता केवल दिखावटी सक्रियता कर रहे हैं।भाजपा सांसदों पर भी सरीन ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन, कांगड़ा–चंबा लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज और मंडी की सांसद कंगना रनौत आपदा के समय पूरी तरह “विलुप्त” हो गए हैं। सामान्य परिस्थितियों में ये नेता दिल्ली जाकर बड़े नेताओं से मुलाकात कर तस्वीरें खिंचवाते रहते हैं, लेकिन जब चंबा को वास्तव में उनकी ज़रूरत है तब सभी चुप्पी साधे बैठे हैं।

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की अपील की और चार मुख्य माँगें सामने रखीं –

1. चंबा की इस तबाही को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए।

2. प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज जारी किया जाए।

3. दुर्गम क्षेत्रों में भारतीय सेना की तैनाती कर राहत व बचाव कार्य चलाया जाए।

4. दीर्घकालिक स्तर पर बुनियादी ढाँचे के पुनर्निर्माण व आपदा प्रबंधन के लिए विशेष योजना बनाई जाए।

सरीन ने कहा कि “चंबा को इस समय राजनीति नहीं, राहत चाहिए। यह घड़ी एकजुट होकर पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने की है, न कि सस्ती बयानबाज़ी करने की।”प्रेस वार्ता में मनीष सरीन के साथ राजेश चोभियाल, इच्छा राम टंडन और रजत शर्मा भी मौजूद रहे।

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