आप ने हिमाचल की दुर्दशा पर उठाए सवाल, नेताओं से मांगा आर्थिक सहयोग

चंबा, 6 सितंबर मुकेश कुमार (गोल्डी)
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अजय अटवाल ने हिमाचल प्रदेश में हाल ही में आई आपदा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि “नेता मालामाल हो रहे हैं जबकि प्रदेश खस्ताहाल होता जा रहा है।” अटवाल ने मांग की कि मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और सांसद सभी अपनी सैलरी और निधि फंड से मुख्यमंत्री राहत कोष में सहयोग दें।अटवाल ने बताया कि इस साल प्रदेश में अब तक 122 भूस्खलन, 95 फ्लैश फ्लड और 45 बादल फटने की घटनाओं से 368 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। लगभग 5000 यात्री अभी भी मणिमहेश यात्रा मार्ग में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक आपदा से 3560 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति का नुकसान हुआ है।प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गहरा झटका लगा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की जीडीपी में 20 प्रतिशत योगदान देने वाली बागवानी और कृषि को भारी नुकसान पहुंचा है। मक्की की फसल बर्बाद हो गई है, वहीं लगातार भूस्खलन और सड़कों के टूटने से लगभग 3000 करोड़ रुपए का सेब बाजार तक नहीं पहुंच सका।

वर्तमान में 1638 सड़कें और तीन राष्ट्रीय राजमार्ग बंद पड़े हैं।अटवाल ने पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां आपदा के समय सभी विधायकों ने अपनी एक माह की सैलरी और सांसदों ने करोड़ों रुपए अपने निधि फंड से राज्य को दिए, साथ ही लगातार धरातल पर लोगों की मदद की। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, जो हिमाचल से हैं, और केंद्र सरकार ने अब तक कोई विशेष आर्थिक सहायता क्यों नहीं दी।उन्होंने कहा कि 2023 में दिल्ली सरकार ने हिमाचल के लिए 10 करोड़ की सहायता दी थी, जबकि भाजपा शासित केंद्र और हिमाचल सरकार के नेता चुप्पी साधे हुए हैं। अटवाल ने पूछा कि मोदी जी, जिन्होंने हिमाचल को हमेशा अपना दूसरा घर कहा, आज संकट की घड़ी में चुप क्यों हैं?उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार हिमाचल को विशेष पैकेज जल्द जारी करे और प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी व राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाए।—क्या आप चाहेंगे कि मैं इस ड्राफ्ट को थोड़ा तेज राजनीतिक आक्रमण वाली भाषा में रखूं या तटस्थ समाचार शैली में ही रहने दूं?