हिमाचल प्रदेश सीएंडवी अध्यापक संघ चंबा ने सरकार के वेतन नियम 7-A विलोपन का कड़ा विरोध किया

हिमाचल प्रदेश सीएंडवी अध्यापक संघ चंबा ने सरकार के वेतन नियम 7-A विलोपन का कड़ा विरोध किया

चंबा, 07 सितंबर मुकेश कुमार (गोल्डी)

हिमाचल प्रदेश राजकीय सीएंडवी अध्यापक संघ जिला चंबा ने सरकार के तानाशाही फैसले का कड़ा विरोध जताया, जिसमें 6 सितंबर 2025 को हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा नियम (संशोधित वेतन) 2022 के नियम 7-A को समाप्त कर दिया गया। संघ का कहना है कि इस निर्णय से हजारों शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतनमान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।संयुक्त बयान जारी करते हुए जिला अध्यक्ष संजय वर्मा, महासचिव सुनील सूर्यवंशी तथा वित्त सचिव राकेश शास्त्री ने बताया कि यह निर्णय कर्मचारियों में गहरा रोष उत्पन्न कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला पूरी तरह से अनुचित व अन्यायपूर्ण है और इसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार अपनी इस अधिसूचना को निरस्त नहीं करती है, तो संघ भविष्य में कड़ा विरोध और आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।अध्यक्ष संजय वर्मा ने स्पष्ट किया कि यह कदम न केवल वेतनमान पर प्रभाव डालेगा, बल्कि शिक्षकों की मानसिक व सामाजिक स्थिति को भी प्रभावित करेगा। उन्होंने बताया कि जिला कार्यकारिणी ने एक स्वर में मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए, ताकि अध्यापक साथी सुरक्षित एवं सम्मानजनक वेतन प्राप्त कर सकें।वित्त सचिव राकेश शास्त्री ने कहा कि सरकार अन्य राज्यों में कर्मचारियों को विभिन्न वित्तीय लाभ प्रदान कर रही है, लेकिन हिमाचल प्रदेश में ऐसे लाभों को समाप्त कर देना पूरी तरह से भेदभावपूर्ण रवैया है। महासचिव सुनील सूर्यवंशी ने बताया कि यदि सरकार ने अपने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया, तो संघ आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श कर व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा।संघ ने प्रदेश भर के शिक्षकों और कर्मचारियों से एकजुटता का आह्वान किया ताकि उनके संवैधानिक अधिकार सुरक्षित रहें।

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