प्राकृतिक आपदा से जूझते चंबा में पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की अनिवार्यता पर सरकार दे जोर :- सोनू ठाकुर

डलहौजी/चंबा, 13 सितंबर मुकेश कुमार (गोल्डी)
जिला चंबा इस समय प्राकृतिक आपदा की भयानक त्रासदी का सामना कर रहा है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण पहाड़ टूटने, मकानों के ढहने और सड़कों के बंद होने की घटनाओं ने स्थानीय जनता को आर्थिक, सामाजिक व मानसिक संकट में डाल दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई परिवार आज भी अस्थाई आश्रयों में जीवन यापन कर रहे हैं, जहाँ उन्हें न तो पर्याप्त भोजन की व्यवस्था मिल पा रही है, न स्वच्छता सुविधाएं और न ही जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध हो पा रही हैं।आपदा के समय जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन टीम और अन्य विभाग युद्धस्तर पर राहत कार्यों में जुटे हैं। राहत सामग्री का वितरण हो रहा है, प्रभावितों को राशन उपलब्ध कराया जा रहा है और अन्य जरूरी सहायता प्रदान की जा रही है। समाजसेवी और राजनीतिक नेता भी राहत कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है।पूर्व जिला अध्यक्ष, आम आदमी पार्टी चंबा, श्री सोनू ठाकुर ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से विशेष आग्रह किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं को सिर्फ अस्पतालों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें हर पंचायत तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत में मेडिकल कैंप स्थापित किए जाएं, जहाँ डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात हों। इसके अलावा प्रभावित लोगों को मुफ्त दवाइयों का वितरण किया जाना चाहिए ताकि उन्हें सामान्य बीमारियों से राहत मिल सके।सोनू ठाकुर ने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। लगातार आपदा, असुरक्षा और अनिश्चितता के कारण आम जनता मानसिक रूप से भी बेहद परेशान है। ऐसे समय में परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराकर उन्हें मानसिक सहयोग दिया जाना अति आवश्यक है, जिससे वे अपनी पीड़ा से उबर सकें।सोनू ठाकुर ने कहा कि यह जिम्मेदारी सरकार और स्वास्थ्य विभाग की बनती है कि वे आपदा प्रभावित लोगों को केवल राहत सामग्री तक सीमित न रखें, बल्कि उनका समग्र स्वास्थ्य सुधार सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि समय रहते यह कदम उठाने से न केवल आपदा प्रभावितों को तात्कालिक राहत मिलेगी, बल्कि दीर्घकालीन स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी रोकी जा सकेंगी।इसलिए, स्वास्थ्य विभाग को पंचायत स्तर पर मेडिकल कैंप चलाकर मुफ्त दवा वितरण एवं मानसिक स्वास्थ्य परामर्श सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि चंबा के नागरिक जल्द से जल्द अपने जीवन को सामान्य कर सकें।