जनजातिय क्षेत्र भरमौर (होली) क्षेत्र के उरना, सुरेरी व चन्नी गांवों के लिए सड़क बहाली की मांग

भरमौर /चंबा 22 सितंबर मुकेश कुमार (गोल्डी)
जनजातीय क्षेत्र भरमौर के होली के अंतिम छोर पर बसे उरना, सुरेरी और चन्नी गांवों के लोगों को बुनियादी सुविधा के अभाव से जूझना पड़ रहा है। इन गांवों तक पहुंचने वाले पैदल मार्ग हाल ही में हुई भारी बारिश से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसी समस्या को लेकर भाजपा मंडल अध्यक्ष होली, अशोक राजपूत ने एडीएम भरमौर कुलबीर सिंह राणा को ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द रास्तों की बहाली की मांग की।ज्ञापन में कहा गया कि पिछले दिनों लगातार हुई बारिश से गांवों तक जाने वाले पैदल रास्ते पूरी तरह टूट चुके हैं। इसके चलते स्थानीय लोगों को एक गांव से दूसरे गांव जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी लोगों को राशन और अन्य आवश्यक वस्तुएं घरों तक पहुंचाने में हो रही है।भाजपा मंडल अध्यक्ष ने बताया कि इस समय भरमौर क्षेत्र में सेब का सीजन चरम पर है। लेकिन खराब रास्तों की वजह से बागवान अपने सेब मंडियों तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। परिणामस्वरूप किसानों और बागवानों का उत्पादन खेतों और घरों में ही सड़ने लगा है। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।गौरतलब है कि अगस्त माह में हुई भारी बारिश से जनजातीय क्षेत्र भरमौर के कई रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए थे। कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। जिससे सेब उत्पादक किसानों के साथ-साथ आम ग्रामीणों के लिए जीवन बेहद कठिन हो गया है।ज्ञापन में मांग की गई है कि प्राथमिकता के आधार पर पैदल चलने योग्य सड़कों को बहाल किया जाए ताकि ग्रामीण और बागवान अपनी उपज को समय पर मंडियों तक पहुंचा सकें।इस संबंध में एडीएम भरमौर कुलबीर सिंह राणा ने कहा कि गांवों की सड़क बहाली को लेकर ज्ञापन प्राप्त हुआ है और इस पर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।