खांसी की दवाई से बच्चों की मौत के बाद चंबा में सतर्कता, जिले में कफ सिरप की बिक्री और उपयोग पर रोक

खांसी की दवाई से बच्चों की मौत के बाद चंबा में सतर्कता, जिले में कफ सिरप की बिक्री और उपयोग पर रोक

चंबा, 06 अक्तूबर मुकेश कुमार (गोल्डी)

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में खांसी की दवाई पीने से कुछ बच्चों की मौत के बाद पूरे देश में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। इसी संदर्भ में हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव और निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं ने सोमवार को सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक की। बैठक में “कोल्ड रिफ कफ सिरप” सहित अन्य कफ सिरप की जिलावार उपलब्धता और मात्रा की जानकारी ली गई।मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा, डॉ. विपिन ठाकुर ने जिले में तत्काल प्रभाव से सभी दवा विक्रेताओं, निजी एलोपैथिक क्लीनिकों, मेडिकल प्रैक्टिशनर्स, अस्पतालों, डिस्पेंसरीज़ और फार्मेसियों को आदेश जारी किए हैं कि ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 की धारा 22(1)(d) एवं 3 अक्तूबर 2025 के निदेशानुसार जिले में किसी भी प्रकार का कफ सिरप न तो बेचा जाएगा, न प्रेसक्राइब किया जाएगा और न ही इसका प्रयोग किया जाएगा।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी दवा विक्रेता मरीजों को जागरूक करें कि कफ सिरप बच्चों की पहुंच से दूर रखें और पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी परिस्थिति में कफ सिरप न दें। डॉ. ठाकुर ने दवा नियंत्रक को आदेश दिए हैं कि जिले से हर माह कम से कम पाँच कफ सिरप के सैंपल लेकर परीक्षण हेतु लैब में भेजे जाएं तथा उपलब्ध स्टॉक को नष्ट किया जाए।उन्होंने आगे बताया कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को खांसी की दवा केवल डॉक्टर की निगरानी में ही दी जानी चाहिए। इसके स्थान पर घरेलू उपाय जैसे गर्म पानी की भाप लेना, अदरक और तुलसी की चाय पीना, तथा ठंडे पानी से परहेज़ करना अधिक सुरक्षित हैं।सीएमओ ने यह भी कहा कि सभी दवा विक्रेता अपने रजिस्टर, बिल बुक, मरीज का नाम, पता, उम्र और डॉक्टर की पर्ची का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें, जिसकी जांच नियमित निरीक्षण के दौरान की जाएगी।

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