चम्बा रास्ते में 108 कर्मियों की सूझबूझ से प्रसव, महिला ने दिया स्वस्थ बच्चे को जन्म

चंबा, 11 अक्तूबर मुकेश कुमार (गोल्डी)
मानवता और सेवा की मिसाल पेश करते हुए 108 एंबुलेंस कर्मियों ने एक गर्भवती महिला की जान बचाकर उदाहरण प्रस्तुत किया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाथरी से आज एक गर्भवती महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे 108 एंबुलेंस के माध्यम से मेडिकल कॉलेज चंबा रेफर किया था। लेकिन रास्ते में अचानक स्थिति ऐसी बनी कि महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।जानकारी के अनुसार, उदयपुर के पास पहुंचते ही गर्भवती महिला निशिता पत्नी अजय कुमार की तबीयत बिगड़ने लगी और उसे प्रसव वेदना होने लगी। स्थिति को गंभीर देखते हुए एंबुलेंस में तैनात ईएमटी ऋषु और पायलट रोहित ने बिना समय गंवाए तुरंत कदम उठाया। दोनों ने पूरी सूझबूझ, धैर्य और निपुणता के साथ एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव करवाया। इस दौरान महिला ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया।रास्ते में ही प्रसव जैसी आपात स्थिति में 108 टीम द्वारा दिखाई गई तत्परता और पेशेवर कुशलता की हर कोई सराहना कर रहा है। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को सुरक्षित रूप से मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों की स्थिति स्थिर बताई है।स्थानीय लोगों और अस्पताल कर्मियों ने 108 टीम के इस मानवीय कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। उनका कहना है कि यदि एंबुलेंस कर्मियों ने समय पर सूझबूझ और हिम्मत नहीं दिखाई होती, तो शायद जच्चा-बच्चा दोनों की जान खतरे में पड़ सकती थी।ईएमटी ऋषु और पायलट रोहित ने अपने समर्पण और त्वरित निर्णय क्षमता से न केवल एक परिवार को खुशियां दी हैं, बल्कि यह भी साबित किया है कि 108 आपातकालीन सेवा केवल एक नंबर नहीं, बल्कि लोगों के जीवन की आशा बन चुकी है।