सफलता की कहानी , पपलाह के राजेंद्र कुमार ने ड्रैगन फ्रूट की खेती से रचा नया अध्याय

हमीरपुर, 12 अक्तूबर चम्बा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
मेहनत, लगन और नवाचार के बल पर सफलता की नई मिसाल कायम करने वाले भोरंज उपमंडल के गांव पपलाह के प्रगतिशील किसान राजेंद्र कुमार उर्फ रवि मैहर आज अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। राजेंद्र ने पांच कनाल भूमि पर ड्रैगन फ्रूट का बगीचा तैयार कर फल उत्पादन के क्षेत्र में नई दिशा दी है। उद्यान विभाग की सहायता से उन्होंने 864 पौधों का रोपण किया है, जिससे शुरुआती दौर में ही लगभग पांच क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ है।राजेंद्र कुमार ने बताया कि कुछ वर्ष पहले यूट्यूब के माध्यम से उन्हें ड्रैगन फ्रूट की खेती के बारे में जानकारी मिली।

इस फसल की संभावनाएं देखकर उन्होंने महाराष्ट्र जाकर प्रशिक्षण प्राप्त किया और फिर उद्यान विभाग से लगभग 29,160 रुपये की सब्सिडी लेकर अपने खेतों में ड्रैगन फ्रूट का बागीचा तैयार किया। इसके लिए उन्होंने विशेष प्रकार के 216 पोल लगाए और प्रत्येक पोल पर चार पौधे रोपे।राजेंद्र का कहना है कि एक पोल तैयार करने और चार पौधे लगाने पर लगभग दो से ढाई हजार रुपये तक खर्च आता है, लेकिन एक बार पौधा तैयार हो जाने के बाद यह कई वर्षों तक लगातार उत्पादन देता है। ड्रैगन फ्रूट की खेती में अधिक परिश्रम की आवश्यकता नहीं होती, साथ ही बाजार में इसका दाम भी 200 से 250 रुपये प्रति किलोग्राम तक मिल जाता है।उन्होंने बताया कि इस फसल की मांग लगातार बढ़ रही है और यह किसानों के लिए लाभकारी विकल्प बन सकती है।

राजेंद्र ने अपनी नर्सरी भी तैयार की है, ताकि अन्य किसान भी इससे पौधे लेकर इस खेती की शुरुआत कर सकें।उद्यान विभाग के अधिकारियों ने राजेंद्र कुमार की पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनका यह मॉडल बागीचा जिले के अन्य किसानों को प्रेरित करेगा। ड्रैगन फ्रूट की सफल खेती से यह साबित हुआ है कि हमीरपुर जैसे कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी नई और लाभकारी फसलों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।