‘जनता की संपत्ति जनता को’ वाइल्डफ्लावर हॉल प्रकरण में सुक्खू सरकार की ऐतिहासिक जीत :- मनीष सरीन

‘जनता की संपत्ति जनता को’ वाइल्डफ्लावर हॉल प्रकरण में सुक्खू सरकार की ऐतिहासिक जीत :- मनीष सरीन

डलहौजी/ चम्बा 17 अक्तूबर मुकेश कुमार (गोल्डी)

डलहौज़ी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस कार्यकर्ता मनीष सरीन ने वाइल्डफ्लावर हॉल प्रकरण में हिमाचल प्रदेश सरकार की सफलता को “राज्य की पर्यटन और धरोहर नीति में ऐतिहासिक मील का पत्थर” बताया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व और पारदर्शी प्रशासनिक कार्यशैली का परिणाम है, जिसने न केवल राज्य की संपत्ति का स्वामित्व पुनः स्थापित किया, बल्कि ₹401 करोड़ की आर्थिक उपलब्धि भी सुनिश्चित की है।सरीन ने कहा, “यह केवल कानूनी जीत नहीं, बल्कि हिमाचल की पहचान, धरोहर और पर्यटन-आधारित अर्थव्यवस्था की पुनर्स्थापना है। मुख्यमंत्री सुक्खू जी के नेतृत्व में यह सिद्ध हुआ है कि जब नीयत जनता के हित में हो, तो न्याय अवश्य मिलता है।”हिमाचल की अर्थव्यवस्था में पर्यटन क्षेत्र का लगभग 7 प्रतिशत योगदान है और यह क्षेत्र 3 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है। प्रतिवर्ष 1.7 करोड़ देशी और 3 लाख विदेशी पर्यटक राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और औपनिवेशिक धरोहर का आनंद लेने आते हैं। ऐसे में वाइल्डफ्लावर हॉल की पुनः प्राप्ति राज्य की प्रतिष्ठा और पर्यटन नीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

सरीन ने कहा कि “वाइल्डफ्लावर हॉल केवल एक होटल नहीं, बल्कि शिमला की ऐतिहासिक पहचान है। यह भवन कभी ब्रिटिश भारतीय सेना के कमांडर-इन-चीफ लॉर्ड किचनर का निवास था, जिसे बाद में विश्वस्तरीय हेरिटेज होटल के रूप में विकसित किया गया।”वर्ष 1990 के दशक में हिमाचल सरकार और ईस्ट इंडिया होटल्स (ओबरॉय समूह) के बीच वाइल्डफ्लावर हॉल परियोजना शुरू हुई थी। तीन दशक तक चले कानूनी विवाद के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी 2024 को राज्य के स्वामित्व अधिकार को मान्यता दी, जिसके बाद 31 मार्च 2025 को सरकार ने संपत्ति का भौतिक कब्ज़ा ले लिया। 14 अक्तूबर 2025 को हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब मशोबरा रिज़ॉर्ट्स लिमिटेड का एकमात्र मालिक हिमाचल प्रदेश सरकार है। इस निर्णय से राज्य को ₹401 करोड़ का आर्थिक लाभ हुआ।मनीष सरीन ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू और पर्यटन निगम अध्यक्ष आर.एस. बाली के नेतृत्व में हिमाचल का पर्यटन अब सतत विकास, जिम्मेदार आतिथ्य और हेरिटेज संरक्षण की दिशा में अग्रसर है। “वाइल्डफ्लावर हॉल अब सतत विलासिता (Sustainable Luxury) का प्रतीक बनेगा, जहां पर्यावरण, संस्कृति और नवाचार का संगम होगा,” उन्होंने कहा।अंत में सरीन ने कहा, “यह जीत हर हिमाचली की जीत है। मुख्यमंत्री सुक्खू जी के नेतृत्व में राज्य ने न केवल अपनी संपत्ति, बल्कि अपनी अस्मिता और गौरव भी पुनः प्राप्त किया है।” बयान जारी करते समय उनके साथ राजेश चोभियाल, इच्छा राम टंडन, विशाल सिंह, रजत शर्मा और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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