चंबा में पांच दिवसीय आवासीय ,भू विज्ञान कार्यशाला में देशभर के विशेषज्ञों ने लिया हिस्सा

चम्बा 20 मई मुकेश कुमार (गोल्डी)
चंबा में पांच दिवसीय इस आवासीय क भू विज्ञान कार्यशाला में देशभर के विशेषज्ञों ने लिया हिस्सा
चंबा में पहली बार विभिन्न केंद्रीय सरकारी सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) के तीन पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों (CMDs) द्वारा एक विशेष भूविज्ञान कार्यशाला का आयोजन किया गया, जो क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। पांच दिवसीय इस आवासीय कार्यशाला में देशभर से आए 45 भूवैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने भाग लिया। इनमें विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ तीन महिला भूवैज्ञानिकों की सहभागिता भी उल्लेखनीय रही।ट्रस्ट की अध्यक्षा किरण डोडेजा ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन इस बार का आयोजन विशेष रहा। कार्यशाला का संचालन एनएचपीसी के पूर्व CMD बलराज जोशी, एसजेवीएन के पूर्व CMD आर. एन. मिश्रा और एमईसीएल के पूर्व CMD डॉ. गोपाल धवन जैसे अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा किया गया, जिससे प्रतिभागियों को उच्च स्तरीय मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।कार्यशाला में अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, भूटान, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े भूवैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। एनएचपीसी, एसजेवीएन, एनईईपीसीओ, ड्रुक हाइड्रो, राइट्स, एनएचडीसी और एनटीपीसी जैसे प्रमुख संस्थानों के प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए।कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि प्रत्येक दिन पूर्वाह्न में प्रतिभागियों को फील्ड विजिट पर ले जाया गया, जहां उन्होंने भूवैज्ञानिक संरचनाओं, चट्टानों की परतों और सुरंग निर्माण से जुड़ी चुनौतियों का प्रत्यक्ष अध्ययन किया। इसके अलावा शीयर जोन और जल रिसाव जैसी जटिल समस्याओं का भी विश्लेषण किया गया।दोपहर के सत्रों में सैद्धांतिक विषयों पर गहन चर्चा हुई, जिसमें डिजाइन, भूवैज्ञानिक विश्लेषण और अनुबंध संबंधी जटिलताओं पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी। यह कार्यशाला जूनियर इंजीनियर से लेकर डिप्टी जनरल मैनेजर स्तर तक के प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित