मेले-संस्कृति से संवरती परंपराएं, दाड़ी दंगल में पहलवानों का दमदार प्रदर्शन

धर्मशाला/ कांगडा 12 अप्रैल चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि मेलों और उत्सवों के माध्यम से हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं अगली पीढ़ी तक पहुंचती हैं और समाज को अपनी जड़ों से जोड़ती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होता है, बल्कि युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक सशक्त मंच भी मिलता है।शनिवार देर सायं दाड़ी में आयोजित ऐतिहासिक धुम्मू शाह मेले के अंतर्गत दंगल प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए उपायुक्त ने कहा कि यह मेला जन आस्था से जुड़ा एक प्राचीन आयोजन है, जो वर्षों से सामाजिक एकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियां युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं, इसलिए युवाओं को खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।दंगल प्रतियोगिता में ईरान सहित हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के नामी पहलवानों ने अपने जौहर दिखाए। ईरान के मोहम्मद हादी और उत्तर प्रदेश के अभिनायक के बीच हुआ मुकाबला बराबरी पर छूटा, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।हिमाचल केसरी पुरुष वर्ग में ऊना के अर्शदीप ने पहला स्थान हासिल कर एक लाख रुपये का पुरस्कार जीता। कांगड़ा के पप्पी, मंडी के सचिन और शाहपुर के राजू क्रमशः दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहे।

महिला वर्ग में सोलन की रानी विजेता रहीं, जबकि राधा, अभिलाषा और शबनम ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।हिमाचल कुमार प्रतियोगिता में भी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। विजेताओं को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मेला अधिकारी एवं एसडीएम मोहित रत्न सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
