चुनाव आयोग द्वारा हिमाचल में पंचायत चुनाव, पात्रता व अयोग्यता को लेकर सख्त नियम लागू

शिमला 30 अप्रैल चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर प्रशासन ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनमें विभिन्न वर्गों के लोगों की पात्रता और अयोग्यता को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है। इन नए नियमों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और विवादमुक्त बनाना है।जारी निर्देशों के अनुसार, कुछ सरकारी और अर्ध-सरकारी सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया गया है। इनमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिड डे मील वर्कर, वाटर कैरियर तथा सहकारी समितियों के सेल्समैन और सचिव शामिल हैं। प्रशासन का मानना है कि इन पदों पर कार्यरत व्यक्तियों की भूमिका और जिम्मेदारियों को देखते हुए उन्हें चुनाव प्रक्रिया से दूर रखना आवश्यक है।वहीं, कुछ वर्गों को चुनाव लड़ने के लिए पात्र घोषित किया गया है। इनमें डिपो होल्डर, कृषक मित्र, होम गार्ड, लंबरदार और आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं। इन वर्गों को चुनाव में भाग लेने की अनुमति देकर प्रशासन ने उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने का प्रयास किया है।

अतिक्रमण से जुड़े मामलों में भी कड़े प्रावधान लागू किए गए हैं। जिन व्यक्तियों ने अतिक्रमण को नियमित करने के लिए आवेदन किया है या जिनके मामले अदालत में लंबित हैं, उन्हें चुनाव लड़ने से अयोग्य माना जाएगा। इतना ही नहीं, यदि कोई व्यक्ति अतिक्रमण हटाता भी है, तो उसे छह वर्षों तक चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत आवेदन करने वालों को राहत देते हुए उन्हें पात्र माना गया है।आशा वर्करों के संबंध में अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और यह मामला विचाराधीन है।इन दिशा-निर्देशों से स्पष्ट है कि प्रशासन पंचायत चुनावों को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि केवल योग्य उम्मीदवार ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बन सकें।