मिंजर मेले में खाद्य पदार्थों की जांच तेज, 46 सैंपल लैब भेजे, तीन पहले ही फेल

चंबा, 06 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)
अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेले में जहां एक ओर लोग खाने-पीने का आनंद ले रहे हैं, वहीं खाद्य सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग भी पूरी सतर्कता के साथ सक्रिय है। मेले में बिक रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने सघन जांच अभियान चलाया है। इस दौरान कुल 46 खाद्य सैंपल एकत्रित कर जांच के लिए सीटीएल कंडाघाट प्रयोगशाला भेजे गए हैं।खाद्य सुरक्षा विंग चंबा की टीम ने मेले के विभिन्न स्टॉल, दुकानों और रेहड़ियों पर निरीक्षण किया। जांच के दौरान चावल, बिरयानी, चिकन, मोमोज, जलेबी, बर्फी, पकौड़े, चटनी, बिस्कुट और रस्क सहित कई खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए।

विभाग के अनुसार, इन सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।विभाग ने यह भी खुलासा किया है कि हाल ही में जांचे गए तीन खाद्य सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इनमें एक बर्फी का सैंपल सब-स्टैंडर्ड पाया गया, जिसमें निर्धारित मानकों से कम फैट पाया गया। वहीं एक रेहड़ी से लिया गया बादाम शेक का सैंपल असुरक्षित पाया गया, क्योंकि उसमें तय सीमा से अधिक कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किया गया था। इस कार्रवाई के बाद मेले में खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों में हड़कंप का माहौल है।खाद्य सुरक्षा विंग के सहायक आयुक्त दीपक आनंद ने कहा कि मेले के दौरान यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने आम लोगों से अपील की कि अत्यधिक रंगयुक्त या संदिग्ध खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें और किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर विभाग को तुरंत सूचित करें।मिंजर मेले में लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं। ऐसे में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता बना हुआ है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
