गोली टिकरू मंधीयार में भालू का आतंक, ग्रामीणों में दहशत; वन विभाग से पकड़ने की मांग

डलहौजी /चम्बा 29 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)
उपमंडल डलहौजी के गोली टिकरू मंधीयार गांव में इन दिनों भालू की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार भालू कई बार खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा चुका है और लंबे समय तक खेतों में ही छिपा रहता है। इससे ग्रामीणों को कृषि कार्य करने के दौरान हर समय हमले की आशंका बनी रहती है।ग्रामीणों का कहना है कि भालू की सक्रियता के कारण सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ रही है। महिलाएं रोजाना खेतों में घास काटने और अन्य कृषि कार्यों के लिए जाती हैं, लेकिन भालू के डर से अब उन्हें अकेले खेतों में जाने में भी भय महसूस हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि अचानक भालू सामने आ जाए तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

वहीं, सुबह के समय स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों और नौकरी या अन्य कार्यों के लिए घरों से बाहर निकलने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी ग्रामीण चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आबादी के आसपास भालू की मौजूदगी से बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी खतरा बना हुआ है।ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर भालू की गतिविधियों पर नजर रखे और उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर आबादी से दूर जंगल में छोड़ा जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना को होने से पहले रोका जा सके।ग्रामीणों ने क्षेत्रवासियों से भी अपील की है कि भालू की मौजूदगी वाले स्थानों पर अकेले जाने से बचें। विशेषकर सुबह और शाम के समय खेतों तथा सुनसान रास्तों पर अतिरिक्त सावधानी बरतें। ग्रामीणों ने कहा कि समय रहते कार्रवाई होने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की किसी संभावित घटना को टाला जा सकता है।