जिला स्तरीय कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) की बैठक आयोजित,उपायुक्त चंबा मुकेश रेपस्वाल ने की अध्यक्षता

चम्बा 30 जुलाई मुकेश कुमार (गोल्डी)
उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में आज राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) के अंतर्गत जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागों द्वारा आत्मा परियोजना के तहत संचालित की जा रही विभिन्न गतिविधियों और आय व्यय की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि जिले को विभिन्न क्लस्टरों में विभाजित कर प्रत्येक क्लस्टर के अनुरूप विपणन रणनीति तैयार की जाए। साथ ही प्राकृतिक उत्पादों की बिक्री के लिए विभिन्न स्थानों पर उपयुक्त बाजार एवं बिक्री केंद्र चिन्हित किए जाएं, ताकि किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त हो सके और उन्हें विपणन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों।उपायुक्त ने कृषि और उससे जुड़े सभी विभागों को आपस में बेहतर समन्वय बनाकर एक साथ प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि सभी विभागों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ एक मंच से किसानों तक पहुंचाया जा सके।उपायुक्त ने कहा कि जिले की पांगी घाटी को प्राकृतिक कृषि उप-मंडल के रूप में विकसित किया जा रहा है, इसलिए वहां प्राकृतिक खेती से संबंधित गतिविधियों में तेजी लाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि पांगी घाटी में वर्ष के सीमित समय के दौरान ही कृषि कार्य संभव हो पाते हैं, ऐसे में उपलब्ध समय का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करते हुए सभी निर्धारित गतिविधियां समयबद्ध ढंग से पूर्ण की जाएं। उन्होंने इसके लिए अधिकारियों को पांगी घाटी में विशेषज्ञ भेजकर किसानों को प्राकृतिक एवं आधुनिक खेती की ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए।उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करें।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक खेती से संबंधित विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं उनकी उपलब्धियों को प्रत्येक समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाए, ताकि प्रगति का समुचित मूल्यांकन किया जा सके।इस दौरान उन्होंने बैठक में उपस्थित प्रगतिशील किसानों से संवाद कर प्राकृतिक खेती से जुड़े उनके अनुभवों, नवाचारों एवं सुझावों की जानकारी प्राप्त की।उपायुक्त ने विभाग को जिले में मशरूम उत्पादन की संभावनाओं का व्यापक अध्ययन करने तथा इस क्षेत्र को आजीविका के प्रभावी माध्यम के रूप में विकसित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।बैठक की कार्यवाही परियोजना निदेशक नितिन शर्मा द्वारा संचालित की गई।बैठक में उपनिदेशक कृषि डॉ.भूपिंदर सिंह, पशुपालन डॉ. राकेश , बागबानी प्रमोद शाह, उप परियोजना निदेशक शिवानी, असिस्टेंट प्रोफेसर केवीके नेहा धीमान सहित प्रगति शील किसान ओम प्रकाश , रीना कुमारी, पूजा देवी , बिंदु ठाकुर उपस्थित रहे।