चम्बा में सामुदायिक मध्यस्थों का प्रशिक्षण कार्यक्रम सफल, ग्राम स्तर पर विवाद समाधान को मिलेगा बढ़ावा

चम्बा में सामुदायिक मध्यस्थों का प्रशिक्षण कार्यक्रम सफल, ग्राम स्तर पर विवाद समाधान को मिलेगा बढ़ावा
चम्बा, 08 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चम्बा द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की सामुदायिक मध्यस्थता पहल के अंतर्गत सामुदायिक मध्यस्थों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नव-चयनित सामुदायिक मध्यस्थों को ग्राम स्तर पर संवाद, सहमति और मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए आवश्यक ज्ञान एवं कौशल प्रदान करना था।कार्यक्रम का शुभारम्भ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चम्बा के सचिव श्री एकांश कपिल द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सामुदायिक मध्यस्थता ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी विवादों को बिना न्यायालय के हस्तक्षेप के सुलझाने का एक प्रभावी माध्यम है।

इससे न केवल मुकदमेबाजी कम होगी, बल्कि समाज में सौहार्द और विश्वास भी मजबूत होगा।प्रशिक्षण सत्र में अधिवक्ता श्री मदन रावत, अधिवक्ता श्रीमती किरण सिंह और अधिवक्ता श्रीमती हिमाक्षी गौतम ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में प्रतिभागियों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उन्होंने मध्यस्थता की अवधारणा, भूमिका एवं जिम्मेदारियां, आचार संहिता, संवाद कौशल, विवाद समाधान तकनीक, गोपनीयता और निष्पक्षता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। प्रशिक्षण राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के अनुरूप आयोजित किया गया।समापन सत्र में जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष सुश्री अनुजा सूद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

उन्होंने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित करते हुए कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि सामुदायिक मध्यस्थ समाज में संवाद और समझौते की संस्कृति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।उन्होंने सभी प्रशिक्षित मध्यस्थों को निष्पक्षता, धैर्य और ईमानदारी के साथ अपने दायित्व निभाने का आह्वान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।