मोटर वाहन नियमों में बदलाव: ई-चालान भरने या चुनौती देने के लिए मिलेंगे 45 दिन, लापरवाही पर आरसी-लाइसेंस होंगे ब्लॉक

मोटर वाहन नियमों में बदलाव: ई-चालान भरने या चुनौती देने के लिए मिलेंगे 45 दिन, लापरवाही पर आरसी-लाइसेंस होंगे ब्लॉक

कांगड़ा/ धर्मशाला, 09 अक्टूबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)

यातायात नियमों का उल्लंघन कर ई-चालान को नजरअंदाज करना वाहन चालकों के लिए अब परेशानी का कारण बन सकता है। मोटर वाहन नियमों में किए गए नए बदलावों के तहत चालान का समय पर भुगतान करना या गलत चालान होने की स्थिति में निर्धारित अवधि के भीतर उसे चुनौती देना जरूरी होगा। ऐसा नहीं करने पर वाहन की पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, केंद्रीय मोटर यान (तीसरा संशोधन) नियम, 2026 के तहत चालान जारी करने, भुगतान करने और उसे चुनौती देने की प्रक्रिया में बदलाव किए गए हैं।नए प्रावधानों के अनुसार, वाहन मालिक को चालान जारी होने की तारीख से 45 दिनों के भीतर निर्धारित जुर्माने का भुगतान करना होगा। यदि वाहन मालिक को लगता है कि चालान गलत जारी किया गया है, तो वह इसी अवधि में संबंधित पोर्टल पर दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ उसे चुनौती दे सकता है।

निर्धारित 45 दिनों के भीतर चालान को चुनौती नहीं देने पर उसे वाहन मालिक द्वारा स्वीकार किया हुआ माना जाएगा। वहीं, यदि वाहन मालिक की ओर से दी गई चुनौती पर फैसला उसके खिलाफ आता है, तो उसे आदेश प्राप्त होने या पोर्टल पर अपलोड किए जाने की तारीख से 30 दिनों के भीतर जुर्माने का भुगतान करना होगा।नियमों के तहत निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर वाहन की आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस को पोर्टल पर ब्लॉक किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में संबंधित दस्तावेजों से जुड़ी विभिन्न सेवाएं प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांगड़ा आरपी जस्वाल ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और ई-चालान की नियमित जांच करने की अपील की है। उन्होंने चालकों को सलाह दी कि चालान मिलने पर उसे अनदेखा न करें। यदि चालान सही है तो समय पर भुगतान करें और यदि उसमें त्रुटि है तो निर्धारित समय के भीतर उचित दस्तावेजों के साथ आपत्ति दर्ज करवाएं। इससे अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!