हिमाचल की 14 महिला आईटीआई में परिधान ट्रेड बंद होने से बढ़ी चिंता, SCVT में प्रवेश की अनुमति की मांग

शिमला 22 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)
हिमाचल प्रदेश में सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में संचालित महिला-केंद्रित परिधान ट्रेडों को लेकर प्रशिक्षुओं और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। प्रदेश में वर्तमान में 133 सरकारी आईटीआई कार्यरत हैं। आरोप है कि वर्ष 2025 के सत्र में स्टेट ऑफ आर्ट और महिला आईटीआई में संचालित 14 ट्रेडों को बिना स्पष्ट कारण नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (NCVT) से स्टेट काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (SCVT) के अंतर्गत कर दिया गया।

इसके बाद विलय की प्रक्रिया के चलते ये ट्रेड वर्ष 2026-27 के प्रवेश सत्र में उपलब्ध नहीं हैं।आईटीआई में चल रही प्रवेश एवं काउंसलिंग प्रक्रिया में इन ट्रेडों के लिए प्रवेश का विकल्प न होने से छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संबंधित पक्षों ने सरकार से मांग की है कि महिला आईटीआई में संचालित परिधान क्षेत्र के इन ट्रेडों में इसी सत्र से SCVT के तहत प्रवेश की अनुमति दी जाए।दावा किया गया है कि इन ट्रेडों में पूर्व में 100 प्रतिशत प्रवेश होता रहा है। संस्थानों में पर्याप्त शिक्षण स्टाफ, भवन और अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा परीक्षा परिणाम भी 100 प्रतिशत तक रहा है।

ऐसे में ट्रेडों को बंद करने या प्रवेश रोकने के निर्णय पर सवाल उठाए जा रहे हैं।सिलाई-कढ़ाई जैसे प्रशिक्षण छात्राओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाएं घर से ही कपड़े सिलाई कर आय अर्जित कर सकती हैं। वहीं चंडीगढ़ और नालागढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में टेक्सटाइल एवं गारमेंट कंपनियों में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हैं।इन ट्रेडों के बंद होने से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की छात्राओं पर अधिक असर पड़ने की आशंका है। दूर-दराज क्षेत्रों में प्रशिक्षण के लिए जाना उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन सकता है। इससे रोजगार के अवसर घटने और महिला आत्मनिर्भरता प्रभावित होने की चिंता भी जताई गई है।

संबंधित पक्षों ने सरकार से मांग की है कि उपलब्ध संसाधनों और छात्राओं की रुचि को देखते हुए 14 महिला आईटीआई में इन ट्रेडों को जारी रखते हुए 2026-27 सत्र में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति प्रदान की जाए।