जिला चंबा के पांच क्षेत्रों में शुरू होगी सामुदायिक मध्यस्थता व्यवस्था, ग्रामीण विवादों का गांव स्तर पर ही होगा समाधान

जिला चंबा के पांच क्षेत्रों में शुरू होगी सामुदायिक मध्यस्थता व्यवस्था, ग्रामीण विवादों का गांव स्तर पर ही होगा समाधान

चम्बा 10 चम्बा मुकेश कुमार (गोल्डी)

चम्बा 10 चम्बा मुकेश कुमार (गोल्डी)

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंबा ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल “Community Mediation – Towards a Litigation-Free Rural India” के तहत जिले के पांच गांवों/क्षेत्रों को सामुदायिक मध्यस्थता के लिए चिन्हित किया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर उपयुक्त विवादों का संवाद, आपसी समझ और स्वैच्छिक सहमति के माध्यम से सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को अनावश्यक मुकदमेबाजी से बचाया जा सके।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एकांश कपिल ने बताया कि सामुदायिक मध्यस्थता के लिए मेहला और साहू तहसील चंबा, सांचुई तहसील भरमौर, भंजरारू तहसील तीसा तथा बाथरी तहसील डलहौजी को चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से पक्षकारों के समय और धन की बचत होने के साथ-साथ आपसी संबंधों को बनाए रखने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शांति एवं सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चयनित सामुदायिक मध्यस्थों का एक दिवसीय प्रशिक्षण 7 अगस्त 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंबा द्वारा आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का शुभारंभ सचिव एकांश कपिल ने किया। इस दौरान उन्होंने सामुदायिक मध्यस्थता की अवधारणा, उद्देश्य और ग्राम स्तर पर विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में मध्यस्थों की भूमिका पर जानकारी दी।

प्रशिक्षण में अधिवक्ता मदन रावत, किरण सिंह और हिमाक्षी गौतम ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रतिभागियों को प्रभावी संवाद एवं वार्ता कौशल, मध्यस्थता तकनीक, विवाद समाधान, निष्पक्षता, गोपनीयता, नैतिक आचरण और मध्यस्थता की व्यावहारिक प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। मध्यस्थों को समझाया गया कि उनका दायित्व केवल विवाद का समाधान करवाना नहीं, बल्कि दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर स्वैच्छिक एवं स्वीकार्य समाधान तक पहुंचने में सहायता करना है।प्रशिक्षण के समापन सत्र में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुजा सूद ने सहभागिता की तथा प्रशिक्षित सामुदायिक मध्यस्थों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने मध्यस्थों से निष्पक्षता, धैर्य और संवेदनशीलता के साथ दायित्व निभाने का आह्वान किया।सचिव एकांश कपिल ने बताया कि अब मेहला, साहू, सांचुई, भंजरारू और बाथरी सहित आसपास के क्षेत्रों में सामुदायिक मध्यस्थता को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। पंचायत प्रतिनिधियों, महिला मंडलों, युवक मंडलों और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लोगों को मुकदमेबाजी से पहले संवाद और आपसी सहमति के विकल्प के प्रति जागरूक किया जाएगा।

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