बीसीएस क्षेत्र को नशाखोरी के मामले में रेड जोन घोषित, 24 घंटे पुलिस गश्त होगी मजबूत

शिमला, 20 सितंबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
राजधानी शिमला के बीसीएस क्षेत्र में बढ़ते नशाखोरी के मामलों को लेकर रविवार को नशा निवारण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। तहसीलदार शिमला ग्रामीण संजीव गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में क्षेत्र के वार्ड पार्षद सहित अन्य प्रतिष्ठित सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में बीसीएस क्षेत्र में नशे से जुड़े मामलों की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में बताया गया कि नशाखोरी के मामलों को देखते हुए बीसीएस क्षेत्र को रेड जोन के रूप में चिन्हित किया गया है। समिति ने क्षेत्र में नशे की रोकथाम और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने तथा विभिन्न स्तरों पर प्रभावी कदम उठाने का निर्णय लिया।बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि बीसीएस क्षेत्र में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की जाएगी। इसके माध्यम से संस्थानों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाएगा।इसके अलावा क्षेत्र में संचालित सभी पीजी (पेइंग गेस्ट) आवासों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया जाएगा। समिति ने कोचिंग संस्थानों के मुख्य द्वार के सामने भी निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने का निर्णय लिया, ताकि क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।बैठक में क्षेत्र में 24 घंटे सातों दिन पुलिस गश्त को सुदृढ़ और नियमित करने पर भी सहमति बनी। समिति ने नशे की रोकथाम के लिए प्रशासन, पुलिस, स्थानीय प्रतिनिधियों और आम लोगों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।समिति की ओर से सभी अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के प्रयासों में प्रशासन एवं पुलिस का पूर्ण सहयोग करें। समिति ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उनके सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।